नाम: डार्क हॉर्स
लेखक: निलोत्पल मृणाल
मूल्य: ₹175
पब्लिकेशन: वेस्ट लैंड
लेखक: निलोत्पल मृणाल
मूल्य: ₹175
पब्लिकेशन: वेस्ट लैंड
डार्क हॉर्स लेखक का पहला उपन्यास है। यह साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से पुरस्कृत कृति है। इसमें दिल्ली के अति चर्चित मुखर्जी नगर के छोटे छोटे किस्से बताएं गए हैं।
यह मुखर्जी नगर आईएएस अधिकारी बनने का सपना लेकर आए युवाओं की कहानी है। इसमें भाषा का स्तर सामान्य है।
लेखक ने आम बोलचाल की भाषा को ज्यों का त्यों प्रयोग किया है ।
यह पुस्तक बिहार के छोटे से गांव से आने वाले युवाओं की कहानी बताती है । इसमें दिल्ली जैसी जगह में कमरा खोजने से लेकर डब्बा वाला , पेपर वाला तक की कहानी है।जिसमें उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण अनुभव भी हासिल होते हैं। कुछ खट्टे तो कुछ मीठे अनुभव। फैशन के साथ ही भाषा का भी ज्ञान । कई बेहतरीन डायलॉग भी हैं जैसे भाषा को लेकर एक है "अंग्रेज़ी व्यापार की भाषा है, उर्दू प्यार की और हिंदी व्यवहार की भाषा है।"
कुछ गुदगुदाता तो बहुत कुछ सिखाता है यह उपन्यास।
उपन्यास का नाम लेखक ने "डार्क हॉर्स"ही क्यों रखा यह भी बड़े अच्छे अंदाज़ में बताया गया है। उसे जानने के लिए उपन्यास को जरूर पढ़ें ।
यह मुखर्जी नगर आईएएस अधिकारी बनने का सपना लेकर आए युवाओं की कहानी है। इसमें भाषा का स्तर सामान्य है।
लेखक ने आम बोलचाल की भाषा को ज्यों का त्यों प्रयोग किया है ।
यह पुस्तक बिहार के छोटे से गांव से आने वाले युवाओं की कहानी बताती है । इसमें दिल्ली जैसी जगह में कमरा खोजने से लेकर डब्बा वाला , पेपर वाला तक की कहानी है।जिसमें उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण अनुभव भी हासिल होते हैं। कुछ खट्टे तो कुछ मीठे अनुभव। फैशन के साथ ही भाषा का भी ज्ञान । कई बेहतरीन डायलॉग भी हैं जैसे भाषा को लेकर एक है "अंग्रेज़ी व्यापार की भाषा है, उर्दू प्यार की और हिंदी व्यवहार की भाषा है।"
कुछ गुदगुदाता तो बहुत कुछ सिखाता है यह उपन्यास।
उपन्यास का नाम लेखक ने "डार्क हॉर्स"ही क्यों रखा यह भी बड़े अच्छे अंदाज़ में बताया गया है। उसे जानने के लिए उपन्यास को जरूर पढ़ें ।

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