Saturday, 10 November 2018

पुस्तक समीक्षा













नाम :84 चौरासी
मूल्य:₹125
लेखक: सत्य व्यास
पब्लिशर: हिन्द युग्म

यह लेखक का तीसरा उपन्यास है। नए युग के लेखक सत्य व्यास  ने सामान्य भाषा का प्रयोग किया है। यह एक सामान्य पाठक के लिए आसान है।

इसकी शुरुवात मुख्य पात्र मनु और ऋषि की भेंट से होती है। फिर प्रधानमंत्री इंद्रा गांधी की हत्या इनके जीवन में एक झटका लाती है।

वास्तव में यह कहानी और कोई नहीं बल्कि बोकारो शहर सुना रहा है । आपबीती ,कैसे एक खुशहाल शहर दंगाइयों की भेंट चढ़ता है। कौन नियंत्रित कर रहा है इस दंगे को।

कैसे एक समुदाय विशेष को टारगेट किया जा रहा है। कभी ना मिटने वाले ज़ख्मों के साथ कुछ  लोगों ने शरह को अलविदा कह दिया और पलट कर कभी नहीं देखा। कुछ ऐसे ही  कई ज़ख्म बोकारो के अंदर समाय है।

बार बार तो नहीं हा एक बार ज़रूर पढ़ा जा सकता है यह उपन्यास।



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