एक धन्यवाद पुरुषों को,
हां उनको भी जिन्हें लगता है फेमिनिज्म पढ़कर लड़कियों का दिमाग खराब हो गया है ।
हां उनको भी जिन्हें लगता है फेमिनिज्म पढ़कर लड़कियों का दिमाग खराब हो गया है ।
उन्हें भी जिन्हें लगता है बराबरी का अधिकार मांगती है लड़कियां तो क्यों बस में खड़ी नहीं रह सकती क्या।
हां खींज तो होती होगी तुम्हें पर यह सदियों से चली आ रही बंदिशे ऐसे ही तो टूटेंगी मेरे दोस्त ।
धन्यवाद उस पिता को जो हर हाल में अपनी बेटी को दुलराता है और हमेशा उसका साथ देता है ।
धन्यवाद उस भाई को जो हर फैसले को मजबूती देते हुए कहता है अरे जाओ मैं संभाल लूंगा ।
हां उस दोस्त को भी जो हर खुशी, हर गम और हर लड़ाई का साथी है ।
एक धन्यवाद बॉयफ्रेंड और पति रूपी पुरुषों को भी।
रोज रोज अखबार में रेप की खबरें पढ़कर सिहरन तो तुम्हें भी होती है और तुम्हें खीज होती है जब कुछ गलत पुरुषों की वजह से तुम्हारी पूरी कौम को गलत ठहराया जाता है, पर यह भी एक सच्चाई है मेरे दोस्त जिसे झूठलाया नहीं जा सकता।
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