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आज सोशल मीडिया के युग में फेक न्यूज़ ने पूरी दुनिया में अपनी पैठ बना ली है ।यह बात भारत जैसे विकासशील देश के लिए और भी खतरनाक है क्योंकि यहां आबादी का एक बड़ा हिस्सा पढ़ा लिखा नहीं है और उन्हें नहीं पता कि किस समाचार को आगे बढ़ाना चाहिए या नहीं ।इस बात की गंभीरता को इस से भी समझा जा सकता है कि दुनिया भर की संसद में इस पर बहस चल रही हैं। कई देशों ने इस पर कानून भी बनाए हैं जहां जर्मनी ,फ्रांस और मलेशिया जैसे देश फेक न्यूज के खिलाफ सख्त कानून ला रहे हैं वहीं ब्राजील ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडिया एनालिसिस स्ट्डीज को स्कूल करिकुलम का जरूरी हिस्सा बना दिया है। कुछ ऐसी ही जरूरत हमारे देश भारत को भी है ताकि तकनीकी क्रांति के इस युग में लोगों को समझदार बनाया जा सके। लोगों में मीडिया एनालिसिस स्किल्स डेवलप की जा सकें। परिणाम और भी अच्छे होंगे अगर यह आदत बचपन से ही डाल दी जाए ।
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